Strategic Leadership
आज हम बात करेंगे LEADERSHIP के बारे में क्योकि LEADERSHIP एक ऐसा विषय है जिसके बिना हम अपने बिज़नेस में बहुत बड़े लेवल पर नहीं पहुँच सकते है। ये क्रन्तिकारी विचार डॉ विवेक बिंद्रा जी के है।
तो सबसे पहले LEADERSHIP की परिभाषा से शुरू करते है। तो LEADERSHIP आपकी PERSONAL POWER का INFLUENCE होती है जो एक कम्युनिटी बनाती है जो एक समान लक्ष्य के लिए साथ में आते है। आप इसका उदाहरण ऐसे देख सकते है कि राहुल गाँधी के पास POSITIONAL POWER है लेकिन महात्मा गाँधी जी के पास PERSONAL POWER थी। कोई व्यक्ति POSITIONAL POWER में जब तक रहता है लोग उसके पास आते है लेकिन जिसदिन POSITION जाएगी लोग उसके पास नहीं आएंगे। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के विचारो से उसके व्यवहार से कोई प्रभावित होता है तो वह उसके साथ जिंदगीभर के लिए जुड़ जाता है इसे ही LEADERSHIP कहते है।
कुछ LEADER का प्रभाव होता है और कुछ LEADER का दबाव होता है। दोनों ही LEADER काम करा लेते है लेकिन दबाव वाले लीडर के बारे में लोग पीठ पीछे क्या कहते है आप खुद से जानते है मुझे बताने की जरूरत ही नहीं है जानते है ना। वही प्रभाव वाले लीडर अपने प्रभाव से संस्था में बड़े बदलाव लाते है, उसे STANDARDIZATION की ओर ले जाते है। ये लगातार GROW करता रहता है और जिसके साथ ये GROW करता है वो एक COMMUNITY बन जाती है।
LEADERSHIP मेरे कुछ चेलो के बारे में नहीं है न ही मेरे फॉलोवर्स बनाने के बारे में नहीं है। कुछ लोग कहते है कि LEADERSHIP कुछ नये लीडर बनाने के बारे में है। लेकिन LEADERSHIP वो होती है जिसमे वो LEADER तैयार हो जो LEADING LEADER को भी LEAD कर सके यानि असली LEADER वही होता है जो ऐसे LEADERS को तैयार कर देता है जो बहुत सारे LEADING LEADERS को भी LEAD कर सके। यही से COMMUNITY बनना शुरू होती है।
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LEADERSHIP की परिभाषा | Strategic Leadership By Dr Vivek Bindra
Reviewed by SHUBHAM PAL
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12:02:00 am
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