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Overthinking | Motivational Story in Hindi


Overthinking



अभी जो कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो सकता है आपने कभी न कभी सुनी या पढ़ी होगी लेकिन आपको यह कहानी बताने के पीछे की जो प्रेरणा है वो हर बार जिंदगी में हमेशा काम आती है। इस कहानी कि जो प्रेरणा है वो हर दो से तीन दिन में मुझे याद आ ही जाता है। फिर मुझे लगा कि ये कहानी आपको जरूर जाननी चाहिए। तो मैं आपको वो कहानी बताने वाला हूँ।

              ये कहानी है एक ऐसे व्यक्ति की जो किसी भी ताले को खोल सकता था। वो व्यक्ति किसी भी बड़े से बड़े ताले को चाहे वो तिजौरी का हो, जेल का हो यानि कितना ही मजबूत ताला क्यों न हो वो खोल देता था। लोग हैरान होते थे कि ये ऐसा कैसे कर सकता है।

फिर एक दिन प्रोग्राम रखा गया और उसे एक चुनौती दिया गया की वो व्यक्ति एक संदूक का ताला खोलेगा फिर उससे बाहर आ जायेगा और साथ ही शर्त रखी गई कि उसे संदूक में बंद करके संदूक को पानी में डाला जायेगा। अगर वो ताला खोल पाया तो बाहर आ जायेगा वरना वो घंटी को बजाकर अपनी हार भी मान सकता है।  
        उस व्यक्ति ने चुनौती को स्वीकार कर लिया क्योकि उसे पूरा विश्वास था कि वो उसे पूरा कर लेगा। उस व्यक्ति को ये सब करते हुए देखने के लिए बहुत लोग आये। फिर उसे संदूक में बंद करके पानी में उतारा गया और खेल शुरू हो गया। सभी लोग रोमांचक से भर गए अभी देखना चाहते थे कि कैसे वो ताला खोलकर बाहर आ जायेगा। 
         संदूक के अंदर उस व्यक्ति ने अपनी से जेब से तार निकाला और ताले को खोलना शुरू किया। समय गुजर रहा था उस व्यक्ति के लिए एक एक सेकंड मुश्किल हो रही थी क्योकि उसे साँस नहीं मिल पा रही थी। लोग देख रहे थे कि जो व्यक्ति कोई भी ताला कुछ सेकंड में ही खोल देता है उसे इतना समय क्यों लग रहा है।
जैसे जैसे समय बीत रहा था उस व्यक्ति का दम घुटने लगा  उसको बहुत परेशानी हो रही थी उस लॉक को खोलने में। उसने अपना पूरा जोर लगा दिया अपनी सारी ट्रिक लगा दी लेकिन वो लॉक को खोल नहीं पाया। अंत में उसे हार मानना ही ठीक लगा और उसने घंटी बजा दी जिसके बाद वो संदूक धीरे धीरे ऊपर आने लगा। 
         अब वो व्यक्ति हार चूका था जिसके कारण उसे बहुत शर्म आ रही थी इसलिए वो ऊपर नहीं देख पा रहा था। वो संदूक में जैसे ही गेट को पकड़कर वो बैठने की कोशिश करता है गेट खुल जाता है जिससे उसे पता चलता है की गेट लॉक ही नहीं था। वो सोचता है कि ये मेरे दिमाग में पहले क्यों नहीं आया कि गेट लॉक ही नहीं हो। जब बार बार उससे लॉक नहीं खुल रहा था तो उसके दिमाग में एक बार भी क्यों नहीं आया कि शायद गेट लॉक किया ही नहीं गया हो।

जब किसी चीज़ का हल आसान होता है तो आप कितने हो होशियार, ताकतवर या प्रतिभाशाली क्यों न हो वो आपके काम नहीं आएगा यदि आपको ठहर कर सोचना नहीं आता है। बहुत बार कुछ नहीं करना ही हल होता है या मात्र ये देख लेना ही हल होता है कि हकीकत में कोई प्रॉब्लम है भी या नहीं ?

किसी बहुत बड़े व्यक्ति ने कहा है कि -
                                                         जो कुछ नहीं करते है वो ही जिंदगी में कमाल करते है। 
Overthinking | Motivational Story in Hindi  Overthinking | Motivational Story in Hindi Reviewed by SHUBHAM PAL on 3:52:00 am Rating: 5

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