Whatsapp Kaise Paise Earn Krta Hain
आज के समय में सोशल मीडिया हमारी लाइफ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अपनी पर्सनल लाइफ से लेकर हम अपने बिज़नेस तक इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये हम अपने संदेश भेजते है और अपनी पसंद नापसंद शेयर करते है। सोशल मीडिया का कम्पुनिकेशन आसान करने में बड़ा ही योगदान रहा है। इसमें सबसे बड़ा हाथ खासकर व्हाट्सअप का रहा है। जिसने हमारी बातो को बिलकुल प्राइवेसी के साथ प्राइवेट बना दिया है। लेकिन आप सोचो कि आपको प्राइवेसी और सुविधा देकर इन कंपनी को क्या फायदा होता है। क्या आप जानते है कि कैसे व्हाट्सअप पैसे कमाती है और आपको फ्री सर्विस देने में इसका क्या फायदा है।
तो सन्न 2009 में yahoo के दो पुराने कर्मचारियों ने मिलकर Whatsapp बनाया था और फिर इसे 2014 में लॉन्च किया गया लेकिन तब इसे चलाने के लिए लोगो को सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता था जिसका रेट 0.99 डॉलर एक साल का था। ये बहुत जल्द ही मार्किट में छा गया और मात्र 9 महीने में ही इसने 1 बिलियन डॉलर की कमाई कर ली थी। फिर 19 फरवरी 2014 में फेसबुक ने इसके पोटेन्शियल को पहचाना और 19 बिलियन डॉलर में इसे खरीद लिया। फेसबुक के खरीदते ही व्हाट्सएप्प ग्रहको के लिए फ्री हो गया। लेकिन जो एप्प पहले ही इतना अच्छा कमा रही थी उसे फ्री करके फेसबुक को क्या फायदा हुआ।
तो फेसबुक को व्हाट्सएप्प को फ्री करके क्या फायदा मिला यह काम आता है आपका बिज़नेस माइंड क्योकि कहा जाता है कि यदि तुम किसी प्रोडक्ट को फ्री में यूज़ क्र रहे हो तो उस कंपनी के लिए तुम ही एक प्रोडक्ट हो। यहा व्हाट्सएप्प के प्रोडक्ट है उसे यूज़ करने वाले लाखो यूजर, साथ फेसबुक ने इसमें कभी कोई विज्ञापन ना कोई गेम ही लाया बल्कि उसके लिए यूजर सबसे जरूरी थे। आपने कभी ध्यान दिया हो कि जब भी आप कुछ खरीदने के लिए सोचते हो या आपका कोई दोस्त फेसबुक ज्वाइन करता है तो आपको फेसबुक फीड में दिख जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योकि फेसबुक आपके नंबर्स और आपकी पसंद न पसंद को मॉनिटर करता है जिससे फेसबुक फीड आपके अनुसार दिखा सके।
जब फेसबुक का न्यूज़ फीड आपके अनुसार होता है तो फिर वह पर विज्ञापन भी आपके काम के ही दीखते है जिससे फेसबुक कमाई करता है। एक सर्वे के अनुसार फेसबुक अपने इन्ही विज्ञापन के जरिये एक यूजर से साल का 600 से 700 रुपए कमाता है तो सोचिये उसके तो 100 करोड़ से भी ज्यादा यूजर है।
How Whatsapp Makes Money | Business Model & Case Study
Reviewed by SHUBHAM PAL
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3:01:00 am
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