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OYO ROOMS की सफलता की कहानी | Ritesh Agarwal Biography



OYO ROOMS की सफलता की कहानी 

दोस्तों कहते है कि प्रतिभा उम्र की कभी मोहताज नहीं होती है। अगर आपमें कुछ करने की काबिलियत है तो उम्र कुछ मायने नहीं रखती है और इस बात को सच क्र दिखाया है OYO ROOMS के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने। उन्होंने मात्र 18 साल की उम्र में इसकी नींव रखी। हालांकि आज देखा जाये तो उनको अपना सफलता से बिज़नेस करते हुए काफी साल हो गए है और उनकी उम्र 25 के पार पहुँच गयी है। लेकिन उन्होंने जितने जज्बे जुनून के साथ OYO को दुनियाभर तक फैलाया है। तो आज जानते है कि कैसे एक स्टूडेंट द्वारा शुरू की गई कंपनी इस मुकाम पर पहुंच गई है कि इसे कोई कॉम्पीशन देने वाला भी नहीं है।

        तो इस कहानी की शुरूआत 16 नवम्बर 1993 में होती है जब ओड़िशा में रितेश अग्रवाल का जन्म हुआ। फिर उन्होंने अपने शहर के ही स्कूल में बारहवीं तक की पढ़ाई की। फिर अपनी 12th को खत्म करने के बाद वो IIT की तैयारी करने के लिए कोटा आ गए। कोटा आने के बाद वो पढ़ाई के साथ वो अपने दोस्तों के साथ काफी घूमने भी लगे। कोटा में रहते हुए ही उन्होंने एक किताब भी लिखी जिसका नाम A COMPLETE ENCYCLOPEDIA OF TOP 100 ENGINEERING COLLEGES था। जब रितेश 16 साल के थे तो उन्हें टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च में आयोजित एशियाई साइंस कैंप में भी रितेश को चुना गया। इसके साथ ही रितेश को नए नए स्टार्टअप के बारे में भी पढ़ने है शौंक था इसके साथ ही वे दिल्ली ोे मुंबई में होने वाले बिज़नेस सम्मेलनो में भी हिस्सा लेने आते थे। और यही वजह थी जिससे रितेश को अपने बजट के होटल खोज कर रहना पड़ता था।
           ऐसे ही कई जगहों का सफर करते करते और बहुत सारे होटल में रहने से और अपने बजट के होटल ढूढ़ने से उनको एक बिज़नेस का आईडिया आया। फिर उसने अपनी प्लानिंग करने के बाद कुछ समय में अपना पहला स्टार्टअप 2012 में  ORAVEL STAY शुरू किया।  इस कंपनी को उद्देश्य था कि कम दाम पर होटल उपलब्ध कराना जिसे ऑनलाइन हो बुक किया जा सके। रितेश ने पहले ही सारी नॉलेज ले ली थी कि कैसे फंडिंग मिलती है और इसी कारण उन्हें बहुत जल्द VENTURE NURSARY से 30 लाख की फंडिंग मिल गयी। जिससे अब रितेश को बिज़नेस आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त पैसे उपलब्ध थे। ORAVEL STAY एक ऐसा स्टार्टअप था जिसमे होटल तो बुक हो जाता था लेकिन ग्राहक को होटल में जाकर अच्छा अनुभव नहीं मिलता था इसलिए ORAVEL STAY की लोकप्रियता कम होने लगी।
       
            फिर रितेश अग्रवाल ने इस कंपनी की कमियों को दूर करते हुए इसे दोबारा से OYO ROOMS के नाम से दोबारा शुरू किया। जिसमे ऑनलाइन बुकिंग के साथ साथ ग्राहक की सुविधाओं पर भी पूरा ध्यान दिया गया था। उन्होंने अपना एक स्टैंडर्ड सेट कर दिया था जिसे सभी होटल वालो को फॉलो करना होगा। ऐसे ही सुधारो के कारण बहुत जल्द OYO देश की सबसे बड़ी होटल कंपनी बन गयी।
               फिर OYO की ग्रोथ को देखते हुए बड़े बड़े इन्वेस्टर का ध्यान उसपर गया जिससे उन्हें लाखो करोड़ो की फंडिंग मिल गयी और फिर OYO ROOMS ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज तो OYO इंडिया में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी धूम मचा रहा है। 
OYO ROOMS की सफलता की कहानी | Ritesh Agarwal Biography OYO ROOMS की सफलता की कहानी  | Ritesh Agarwal Biography Reviewed by SHUBHAM PAL on 10:53:00 am Rating: 5

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